कई बार ऐसा होता है कि आप किसी इंसान को ठीक से जानते भी नहीं होते, लेकिन फिर भी उसका ख्याल आपके दिमाग से निकलता ही नहीं. उसकी हर छोटी चीज – जैसे उसका मैसेज, उसकी नजर, या उसका ऑनलाइन आना – आपको किसी “खास संकेत” जैसा लगने लगता है.
धीरे-धीरे आप हर चीज को overthink करने लगते हैं और अपने ही मन में एक कहानी बना लेते हैं. अगर आपने कभी ऐसा महसूस किया है, तो हो सकता है कि आप प्यार में नहीं, बल्कि Limerence में हों.
Limerence क्या होता है?
Limerence एक ऐसी psychological state है, जिसमें इंसान किसी के प्रति अत्यधिक जुनूनी आकर्षण महसूस करता है. इस अवस्था में आप सामने वाले इंसान को जरूरत से ज्यादा परफेक्ट मानने लगते हैं, उसके बारे में खयालों में खोए रहते हैं और imaginary scenarios बनाते रहते हैं और उसकी हर छोटी बात को analyze करते रहते हैं. असल में इस स्थिति में आप उस इंसान से नहीं, बल्कि अपनी बनाई हुई कल्पना से प्यार कर रहे होते हैं.
इसके संकेत क्या हैं?
Limerence के दौरान कुछ खास संकेत साफ नजर आते हैं. जैसे आप बार-बार उस इंसान का सोशल मीडिया चेक करते हैं, उसके reply में थोड़ी भी देरी होने पर anxiety महसूस करते हैं, उसके साथ unrealistic fantasies बनाने लगते हैं और rejection का डर आपको अंदर से परेशान करने लगता है. ये सभी संकेत बताते हैं कि आपका attraction अब obsession में बदल रहा है.
दिमाग में क्या होता है?
इस स्थिति में दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन का असंतुलन यानी imbalance हो जाता है. यही वजह है कि कभी आप बहुत ज्यादा खुश और एक्साइटेड महसूस करते हैं, तो कभी अचानक बहुत low और उदास हो जाते हैं. यह एक तरह का इमोशनल रोलरकॉस्टर होता है, जो आपको mentally थका देता है.
खतरा क्या है?
Limerence का सबसे बड़ा खतरा यह है कि आप असली इंसान को देख ही नहीं पाते. आप उसकी कमियों को इग्नोर कर देते हैं, red flags नजरअंदाज कर देते हैं और धीरे-धीरे emotionally vulnerable हो जाते हैं. इस दौरान आप अपने फैसलों में भी गलती कर सकते हैं क्योंकि आपकी सोच पूरी तरह से भावनाओं के प्रभाव में होती है.
इससे बाहर कैसे निकलें?
इससे बाहर निकलने के लिए सबसे जरूरी है रियलिटी चेक लेना. खुद को व्यस्त रखें, उस इंसान से थोड़ा दूरी बनाएं और अपनी पहचान को वापस पाने की कोशिश करें. जब आप खुद पर ध्यान देना शुरू करते हैं, तो धीरे-धीरे यह obsession कम होने लगता है और आप चीजों को साफ नजर से देखने लगते हैं.
क्या सीख मिलती है?
हर intense feeling प्यार नहीं होती. कई बार यह सिर्फ दिमाग का illusion होता है, जिसे हम प्यार समझ बैठते हैं. इसलिए जरूरी है कि हम अपने emotions को समझें और सही समय पर खुद को संभालें.