“मैं भगवान शिव का अवतार हूं… और तुम मेरी पार्वती.” ये कोई धार्मिक कथा नहीं, बल्कि एक ऐसा खतरनाक झूठ है, जिसके जाल में फंसकर एक महिला की जिंदगी बिखर गई.
महाराष्ट्र के पालघर से सामने आया यह मामला बताता है कि कैसे आस्था, विश्वास और सोशल मीडिया को मिलाकर एक शख्स ने ऐसा जाल बुना, जिसमें फंसकर एक महिला शोषण का शिकार बन गई.
फेसबुक से शुरू हुई ‘आस्था की कहानी’
पीड़िता, जो पुणे की रहने वाली है, साल 2023 में फेसबुक के जरिए एक शख्स के संपर्क में आई. यह शख्स खुद को कोई आम इंसान नहीं, बल्कि ‘भगवान शिव का अवतार’ बताता था. धीरे-धीरे उसने महिला का भरोसा जीत लिया – बातचीत बढ़ी… विश्वास गहराया… और यहीं से शुरू हुआ ‘मेंटल कंट्रोल’ का खेल.
“तुम मेरी पार्वती हो” – मानसिक जाल का खेल
आरोपी ने महिला को यह यकीन दिलाया कि वह कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति वाला व्यक्ति है. उसने कहा – “तुम मेरी पार्वती हो” और यह ‘रिश्ता’ कोई सामान्य नहीं, बल्कि ‘आध्यात्मिक बंधन’ है. इस तरह उसने महिला को मानसिक रूप से अपने प्रभाव में ले लिया.
लॉज में बुलाया… और फिर हुआ अपराध
एफआईआर के मुताबिक, दिसंबर 2023 में आरोपी पुणे पहुंचा और महिला से मिलने के लिए उसे मंजरी इलाके के एक लॉज में बुलाया. वहां महिला को नशीला पदार्थ दिया गया और बेहोश कर दिया गया. फिर उसके साथ रेप किया गया. यही नहीं, आरोपी ने उसकी जानकारी के बिना तस्वीरें भी खींच लीं, जो आगे चलकर उसके लिए एक और हथियार बन गईं.
तस्वीरों से ब्लैकमेल… और ‘डर का सिलसिला’
घटना के बाद आरोपी यहीं नहीं रुका. उसने उन तस्वीरों का इस्तेमाल करके महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. “अगर मेरी बात नहीं मानी… तो सबको दिखा दूंगा”, यानी अब यह सिर्फ शोषण नहीं, बल्कि डिजिटल कैद बन चुका था.
दूसरी बार भी बुलाया…
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मई 2024 में आरोपी ने उसे फिर से वसई के एक होटल में बुलाया और दोबारा उसका यौन शोषण करने की कोशिश की. इस दौरान महिला पूरी तरह डर और दबाव में थी.
‘सामाजिक कार्यकर्ता’ की आड़ में चलता था खेल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पालघर जिले में एक सामाजिक संगठन भी चलाता था. यानी बाहर से ‘समाजसेवक’… और अंदर से एक ‘ढोंगी शिकारी’. पीड़िता का दावा है कि वह अकेली नहीं है, आरोपी ने इसी तरह कई और महिलाओं को अपने जाल में फंसाया हो सकता है. हाल ही में एक दूसरे ‘फर्जी बाबा’ की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद पीड़िता को हिम्मत मिली. उसने आगे आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
जीरो FIR और जांच का दायरा
पुलिस ने पहले ‘जीरो FIR’ दर्ज की फिर केस को पुणे के हडपसर पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया. आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा.
‘आस्था के नाम पर शिकार’ – खतरनाक ट्रेंड
यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि सोशल मीडिया पर ‘गॉडमैन’ बनकर घूम रहे लोगों से सावधान रहें. कोई भी खुद को भगवान बताता है, तो यह पहला रेड फ्लैग है. आस्था और अंधविश्वास के बीच की लाइन बहुत पतली होती है.
क्या सीख मिलती है?
ऑनलाइन मिले लोगों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
किसी भी ‘दिव्य दावा’ को तर्क की कसौटी पर परखें
और अगर कुछ गलत लगे – तुरंत मदद लें
पालघर की यह घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा अलार्म है. जब भगवान के नाम पर ही जाल बिछाया जाए, तो भरोसा करना सबसे बड़ा जोखिम बन जाता है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह ‘ढोंगी बाबा’ कब कानून के शिकंजे में आता है और कितनी और सच्चाइयां सामने आती हैं.