UFC की दुनिया में एक बार फिर पैसा और प्लेटफॉर्म को लेकर बहस छिड़ गई है. इस बार मामला जुड़ा है OnlyFans से – और आमने-सामने हैं दो बड़ी फाइटर्स, Ronda Rousey और Valentina Shevchenko.
दरअसल, मंगलवार को हुई MVP (Most Valuable Promotions) प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोंडा राउज़ी ने दावा किया कि मौजूदा UFC चैंपियन वेलेंटीना शैवचेंको अपनी इनकम बढ़ाने के लिए OnlyFans का इस्तेमाल करती हैं. उनके इस बयान के बाद MMA सर्किट में हलचल मच गई और UFC फाइटर्स की कमाई (fighter pay) को लेकर बहस फिर से तेज हो गई.
“OnlyFans कमाई का जरिया नहीं” – शैवचेंको का साफ जवाब
रोंडा राउज़ी के इस आरोप को Valentina Shevchenko ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि OnlyFans उनके लिए कमाई का मुख्य साधन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां वह अपने फैंस से सीधे जुड़ पाती हैं. शैवचेंको के मुताबिक, “लोग अक्सर OnlyFans को सिर्फ एक नजरिए से देखते हैं, लेकिन मेरे लिए यह फैंस से कनेक्ट करने का एक तरीका है – जहां मैं अपने करियर और लाइफ के एक्सक्लूसिव पहलुओं को शेयर कर सकती हूं.”
UFC फाइटर पेमेंट पर फिर उठे सवाल
रोंडा राउज़ी के बयान के बाद एक बार फिर UFC में फाइटर्स की सैलरी और कमाई को लेकर बहस छिड़ गई है. कई फाइटर्स पहले भी यह मुद्दा उठा चुके हैं कि UFC में टॉप लेवल पर पहुंचने के बावजूद उनकी कमाई उतनी नहीं होती जितनी दूसरे स्पोर्ट्स या प्रमोशन्स में देखने को मिलती है. ऐसे में कुछ एथलीट्स सोशल मीडिया या सब्सक्रिप्शन-बेस्ड प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेते हैं.
हाल ही में बड़ी जीत दर्ज कर चुकी हैं शैवचेंको
Valentina Shevchenko इस समय UFC फ्लाइवेट डिवीजन की चैंपियन हैं और Sherdog की फीमेल पाउंड-फॉर-पाउंड रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज हैं. हाल ही में उन्होंने Weili Zhang को UFC 322 में पांच राउंड के यूनानिमस डिसीजन से हराकर अपना दबदबा कायम रखा.
10 साल बाद वापसी कर रहीं राउज़ी
वहीं दूसरी ओर Ronda Rousey लगभग एक दशक बाद रिंग में वापसी करने जा रही हैं. वह 16 मई को होने वाले Most Valuable Promotions (MVP) इवेंट में Gina Carano के खिलाफ मेन इवेंट में उतरेंगी. यह मुकाबला Netflix पर स्ट्रीम किया जाएगा.
वीडियो में दर्ज पूरा विवाद
इस पूरे विवाद का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राउज़ी के बयान और शैवचेंको की प्रतिक्रिया साफ तौर पर देखी जा सकती है. फिलहाल, यह मामला सिर्फ दो फाइटर्स के बीच जुबानी जंग नहीं है – बल्कि UFC में फाइटर्स की कमाई, प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल और एथलीट्स की फाइनेंशियल रियलिटी पर एक बड़ी बहस का हिस्सा बन चुका है.